आईडीएफसी लिमिटेड

यह अवसंरचना परियोजनाओं को आस्ति प्रबंधन और निवेश बैंकिंग के साथ-साथ वित्तीय और परामर्श संबंधी सेवाएं प्रदान करती है।

जन सुरक्षा

  •   सूचनात्‍मक

विशेषकर गरीब और सुविधा से वंचित लोगों के लिए सार्वभौमिक समाजिक सुरक्षा प्रणाली तैयार करने के लिए निम्न योजनाएं उपलब्ध हैं: 1. प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) पीएमजेजेबीवाई 18 से 50 वर्ष की आयु के व्यक्तियों, जिनका बैंक में खाता है, के लिए जीवन बीमा योजना है। यह योजना 330 रुपए प्रति वर्ष के प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का नवीकरणीय बीमा कवरेज उपलब्ध कराती है। 2. प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) पीएमएसबीवाई 18 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्तियों, जिनका बचत बैंक खाता है, के लिए दुर्घटना बीमा योजना है। 12 रुपए प्रति वर्ष के प्रीमियम पर योजना के तहत जोखिम कवरेज दुर्घटना मृत्यु और पूर्ण विकलांगता के लिए 2 लाख रुपए है और आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपए है। 3.अटल पेंशन योजना (एपीवाई) एपीवाई पेंशन योजना 18 से 40 वर्ष की आयु के उन सभी व्यक्तियों के लिए है जिनका बैंकों/डाकघर में बचत बैंक खाता है। उपभोक्ता परिभाषित योगदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु से ही गारंटीकृत मासिक पेंशन प्राप्त करेंगे। यह योजना पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के समग्र प्रशासनिक और संस्थागत ढांचे के तहत प्रशासित की जाती है।

भारतीय लघु उदयोग विकास बैंक (सिडबी)

  •   सूचनात्‍मक

सिडबी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उदयोगों(एमएसएमई) को ऋण प्रवाह को सुगम और मजबूती प्रदान करता है और एमएसएमई परितंत्र में वित्तीय और विकास संबंधी दोनों कमियों को दूर करता है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई)

  •   सूचनात्‍मक

पीएमएमवाई एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य मौजूदा लघु कारोबार के उद्यमी कार्यकलापों को बढ़ाने तथा प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों को प्रोत्सााहित करना है। इसके तहत शिशु, किशोर तथा तरूण नाम से तीन योजनाएं हैं।

ऋण वसूली अधिकरण तथा अपीलीय प्राधिकरण (डीआरटी तथा डीआरएटी)

  •   सूचनात्‍मक

डीआरटी तथा डीआरएटी का मूल उद्देश्य बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं को शोध्य ऋणों का शीघ्र अधिनिर्णयन तथा वसूली है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई)

  •   सूचनात्‍मक

पीएमजेडीवाई वित्तीय समावेशन संबंधी राष्ट्रीय मिशन है, जो देश के सभी परिवारों को व्याापक वित्तीीय समावेशन के तहत लाने की पहल है।