पंचायती राज मंत्रालय

6 सेवाएं

एमओपीआर: ई-पंचायत: पंचायत एंटरप्राइज सूट (पीईएस) के तहत ई-पंचायत अनुप्रयोगों के लिए एक पोर्टल

  •   पूरी तरह से ऑनलाइन

एमओपीआर ने पूरे देश में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) में ई-गवर्नेंस की शुरूआत करने और उसे बढ़ावा देने के लिए ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना (ई-पंचायत एमएमपी) शुरू की है और ई-गवर्नेंस पहल को प्रभावी ढंग से अपनाये जाने के लिए पीआरआई की संबधित क्षमताओं का निर्माण किया है। इस परियोजना के अंतर्गत, पंचायत एंटरप्राइज सुइट (पीईएस) की अवधारणा की गई है, जिसमें 11 महत्‍वपूर्ण सामान्य अनुप्रयोग शामिल हैं। वर्तमान में, पंचायत एंटरप्राइज सूट को 10 महत्‍वपूर्ण सामान्य अनुप्रयोगों के साथ तैनात/संचालन किया गया है और जीआईएस स्तर मॉड्यूल की संकल्पना चल रही है। इसके अलावा सभी राज्यों में इन अनुप्रयोगों को अपनाये जाने की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।

एमओपीआर: इंडिया पंचायत नॉलेज पोर्टल। पंचायत संबंधित सभी जानकारी के लिए एक पोर्टल

  •   पूरी तरह से ऑनलाइन

इंडिया पंचायत नॉलेज पोर्टल (आईपीकेपी) राज्यों/अन्य हितधारकों द्वारा पंचायत संबंधित ज्ञान-प्रक्रियाओं, कार्यविधियों, सीखने, समस्या सुलझाने, नवाचार और रचनात्मकता से जुड़ी (जैसा कि सबक सीखा गया है) का एक सूचीबद्ध भंडार है, ताकि विभिन्न हितधारकों द्वारा विभिन्न उपयोग के लिए इसका प्रयोग किया जा सके। इसके द्वारा सभी हितधारकों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान की उपलब्धता होगी।

एमओपीआर: पेशकश की गई सेवाएं (केवल सर्विस प्लस का उपयोग करने वाले राज्य पंचायती राज विभागों और संबंधित विभागों के माध्यम से पीआरआई द्वारा)

  •   पूरी तरह से ऑनलाइन

उपयोगकर्ता जन्म, मृत्यु, विवाह आदि जैसे विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए या तो ऑनलाइन या एक किओस्क (सहायता प्राप्त ऐक्सेस) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उपयोगकर्ता विभाग द्वारा पहुंच की रीति का निर्धारण किया जाता है।

एमओपीआर: ग्राम पंचायत विकास योजना संबंधित रिपोर्ट–वर्षवार

  •   पूरी तरह से ऑनलाइन

वित्त मंत्रालय द्वारा निधियों की निर्मुक्‍ति और उपयोग के लिए जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि एफएफसी अवार्ड के तहत किसी भी व्यय का भुगतान करने से पहले, ग्राम पंचायतों को राज्य कानूनों के अनुसार बुनियादी सेवाओं के वितरण के लिए उचित ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करनी चाहिए। इसलिए, एफएफसी ने वित्तीय स्थिरता प्रदान करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी योजना को सुनिश्चित करने पर जोर देने के साथ ही जीपीडीपी को अधिकतम महत्व दिया है। वर्तमान में राज्य योजना के किस चरण में है, इसका आकलन करने के लिए इस एमआईएस को विकसित किया गया है।

पंचायती राज मंत्रालय: क्षेत्रवार एफएफसी अनुदान व्यय रिपोर्ट - वर्षवार

  •   पूरी तरह से ऑनलाइन

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के आधार पर, पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) ने केवल सहभागी ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को तैयार करने के जरिए इन अनुदानों के उपयोग के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए। एफएफसी अवार्ड वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण आबादी के आधार पर शुद्ध रूप से 488 रू. प्रति व्यक्ति/वर्ष संविधान में भाग IX के 25 राज्यों और जम्मू और कश्मीर के लिए दिया जाता है। चौदहवें वित्त आयोग के तहत, ग्राम पंचायत को प्रदत्त धन का उपयोग कुछ मूलभूत गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जैसा कि एफएफसी दिशानिर्देशों में अनिवार्य है। यह रिपोर्ट एफएफसी अनुदान का क्षेत्रवार व्यय दर्शाती है

पंचायतों की समेकित रिपोर्ट की जाँच करें

  •   पूरी तरह से ऑनलाइन

आप सभी राज्यों और देश के संघ शासित क्षेत्रों में पंचायतों के समेकित रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं। जिला पंचायत, मध्यवर्ती पंचायतों और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट उपलब्ध हैं।

मंत्रालयों से संबंधित सेवाएं